Skip to main content

Posts

कोशिश करने वालों की कभी हार कैसे नहीं होती है ?|| Koshish Krne Walon ki Kabhi Har Kaise Nhi Hoti Hai

 मेंढक की कोशिश  विज्ञानं कहता है की मेंढक कभी भी पानी में मर नहीं सकता है,जमींन के निचे दब जाने से भी नहीं मर सकता है|            एक बार क्या होता है की दो मेंढक एक दही के बर्तन में गिर जाते है , दही में से बाहर निकना बहुत मुश्किल रहता है ,एक मेंढक ने यह सोच सोच कर की अब हमें मरना है हमारा क्या होगा ये सोच सोच कर ही दम तोड़ दिया|      दूसरे मेंढक ने सोचा मरना तो है ही है तो बाहर निकले के कोशिश करना शुरू कर दिया ,चारो पैरों से इतनी ताकत से इधर से उधर उछाला, उधर से इधर ,पांव को जोर जोर से बाहर निकलने के लिए हिलाता है,जिससे दही गाढ़ा हो गया है और बर्तन में ऊपर आ गया और सीधा मेंढक बाहर |          एक ने कोशिश जिंदगी की जंग जीत गया जहां उसने सोचा ही नहीं था क ऐसा भी होता है ,ठीक दूसरे ने कोशिश भी नहीं करी और दम तोड़ दिया |          कहने का मतलब यही था कोशिश करिये सफलता जरूर मिलेगी|                         
Recent posts

कर्ज लेने से क्या क्या नुकसान होते हैं? Karj lene se kya Kya nuksan hote h

कर्ज लेने से जीवन पर क्या प्रभाव पढ़ता है? कर्ज लेने से सही तरिके से सही योजना से ना लिया हुआ कर्ज जीवन पर विपरित प्रभाव डालता है। आदमी उन्नति की जगह कर्ज के दल दल में फसने लगते है और एक समय ऐसा आता है जिससे उसकी जमीन जायदाद सब बिक जाती है। इसलिए कर्ज जब भी ले सोच समझ कर लेना चाहिए।          जब अत्यधिक कर्ज होने पर प्रतिदिन कोई ना कोई कर्ज लेने या कॉल करके दिन भर आप को उसके लिए परेशान करता रहेगा, जिस कारण आप जो कार्य कर रहे है उसको पूरी लगन से ना कर पायेंगे। कार्य सही से ना होने पर उधर भी व्यवसाय में नुकसान व ईथर भी कर्जा बढ़़ रहा है तो अन्त में व्यक्ति को कुछ गिरवी या बेचने की नौबत आ जाती है। कर्ज लेने या चुकाने का सही तरिका क्या है? Karj chukane LA sahi tarika  हमें कर्ज उतना ही लेना चाहिए जितना हमारे व्यवसाय के फायदे में से थोड़ा थोड़ा करके मूल राशि व ब्याज दोनों जमा होते रहे, व व्यवसाय में आवश्यक सामग्री की कमी भी पैसे के अभाव में कम ना पढ़े।जिससे हम किसी भी प्रकार से मासिक या साप्ताहिक या जैसे भी हो हमारी राशि जमा करवा सकते है।             कर्ज हमारी क्षमताओं से अधिक नहीं लेना चाह

ज़िन्दगी को जीने का सही तरिका क्या है? || Zindgi Ko Jine Ka Sahi Tarika Kya h

 ज़िन्दगी जीने का तरिका ज़िन्दगी जीने का सही तरिका स्वयं व अपनों की खुशी के साथ जिया जाता है। जब तक जीवन में खुशियां नहीं होती है, हम जो चाहे उस अनुरुप सभी ना हो परन्तु जिसको करने से हमें भी और दूसरों को भी खुशियां मिले वो असल में ज़िन्दगी जीने का सही तरिका है।           जब हम खुशियों को पाने के लिए या किसी अन्य को चोंट पहूंचाकर खुशी पाने का प्रयास अगर कर रहे हैं तो उससे दिल को खुशी मिलेगी पर मन में वो ही द्वेष भावना से मन मस्तिष्क अशांत रहता है जिससे शरीर को आन्तरिक खुशी नहीं मिलती है।इसलिए खुशी वो हो जो दूसरे को खुशी दे जाती है, उस खुशी के अनुभव की बात फिर अलग होती है। ज़िन्दगी में खुशी किन कारणों से दूर होती है? जब जब हम दूसरे को हानि पहूंचाते है या प्रयास करते हैं जिससे हमारे मन में द्वेष भावना पैदा होती है जिससे हमसे खुशी दूर होती है। खुशी पाने के लिए खुशी देना जरुरी है। जिन्दगी जिने के लिए ज़िन्दगी को को करीब से महसूस करिये,हम जो है उसमें खुश रहिये, दूसरों को देखकर जिने का प्रयास करोगे तो जिन्दगी की खुशी समाप्त हो जायेगी। ज़िन्दगी में खुशी तभी संभव है जब हम जिन्दगी को खुलकर

कोशिश करने के क्या क्या फायदे होते है ? || koshish Krne k kya kya fayde he

 कोशिश करने से क्या होगा ?   हमेशा ही देखने को मिलता है कि हर व्यक्ति कुछ न कुछ सोचता जरूर है की में यह काम करूंगा या में ऐसा करने की सोच रहा हु ,परन्तु जब वह   वह  सोचता ही रह जाता है तो वह कार्य को क्र नहीं सकता है ,जब वह कार्य को शुरू करने के लिए कोशिश करने लग जायेगा तब वह आसानी सफल हो जायेगा,जब व्यक्ति के मन में सोचने से ज्यादा कार्य करने में ध्यान  लगाएगा तो वह आसानी से प्रगति क्र सकता है|  कोशिश करने वालों की हार क्यों नहीं होती है ? जिस प्रकार कुए के पनघट पर पानी भरने के लिए रस्सी का उपयोग होता है ,उस रस्सी के द्वारा जब बाल्टी से पानी खींचते है और जिस जगह वह रस्सी तिकी रहती है वह रस्स्सी बार बार आती जाती रहती है तो उससे वह शिला पर निशान छोड़ देती है | या शिला को काट देती है ठीक उसी प्रकार बार बार कोशिश करने पर  हमे सफलता जरूर मिलती है | इस लिए कहा जाता है की कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती है| 

कर्म कैसे करते है? Karm kaise krte he?

 कर्म क्या होते है ? जब हम किसी व्यक्ति का बुरा या अच्छा करते है यह हमारे कर्म होते है? महत्वपूर्ण यह होता है कि हमें किस प्रकार क कर्म करने चाहिए| जिससे हमें जीवन में किसी प्रकार से कोई समस्या पैदा ना हो|        हमारे जीवन का उद्देश्य निरंतर प्रगति करना होता है,परन्तु हमारी प्रगति या हमारे कार्य या कर्म से किसी के मन को ठेस पहुँचती है तो वह हमारे अच्छे कर्म नहीं है| हमारे जो कार्य किसी  ठेस पहुंचा रहा है तो इसका मतलब है हम कुछ गलत कार्य कर रहे है| गलत कार्य का नतीजा गलत ही होता है फिर हम प्रगति कैसे क्र सकते है| इसलिए हमें हमेशा अच्छे कार्य करते रहना चाहिए|   कर्म की परिभाषा क्या है ? मेरे अनुसार कर्म की परिभाषा तो यही होगी कि किसी का मन दुखी करके किया हुआ कर्म अभिशाप रहता है| ठीक जब हम किसी की दुआओ के साथ कार्य को पूर्ण करेंगे तो हमे कार्य या व्यवसाय या जो भी कर्म हम  कर रहे है उसमे सफलता तो मिलेगी ही सही साथ में दुआए भी मिलेगी जिसे हम विश्वास के साथ व्यवसाय भी कर सकेंगे |  कर्म ही पूजा कैसे है ? कर्म ही पूजा है से तात्पर्य यह होता है कि जब व्यक्ति कर्म करना प्रारम्भ करता है

सिखना जीवन का लक्ष्य बनाईये ? || Sikhna Jiwan ka Lakshy Banaiye?

 जीवन में सिखने का लक्ष्य कैसे बनाये? जीवन में व्यक्ति स्वयं कभी परिपूर्ण नहीं होता है ।उसे ऐसा कभी मानना या सोचना भी नहीं चाहिए कि मैं परिपूर्ण हूँ। सतत् जीवन में सिखने की प्रवृति बनाये रखना चाहिए, स्वयं में ये अभियान नहीं रखना चाहिए कि मैं अन्य से क्यों सिखूं, जब हमें छोटे बच्चे से भी अगर कुछ सिखना मिलता है तो सिख ले लेना चाहिए क्योंकि जीवन में हमेंशा सिखने की प्रवृति बनाने से हमें बढ़े लक्ष्य की प्राप्ति होती है।जीवन अगर सिखने का लक्ष्य बनाते हैं तो हम बढ़ी सफलताओं को पार कर  जीवन में प्रगति मार्ग पर  बढ़ते है। जीवन में सिखना एक कला है। हम देखते हैं कि व्यापारी लोग या व्यापार से जूड़े लोग देश विदेश की यात्राएं अधिक करते हैं। उनका एक ही लक्ष्य रहता है, भ्रमण के दौरान सिखने वाले नये नये अनुभवों का लाभ उन्हें मिलता रहे । नये नये अनुभव से नित नया सिखने को मिलता है। जिन लोगो में सिखने की आदत होती है वे जिज्ञासा प्रवृति के लोग होते हैं, जिनमें इस प्रकार की कला रहती है।जिससे वे नया सिखते रहते हैं, इसलिए कहा गया है कि जीवन में सिखना एक  कला है ।  सिखना कहा से सिख सकते हैं । हमेें सिखना या ज

Best Bussiness Ideas || Kon sa Business Achha h

 Best Business Idea kon se hote h? हमेंशा व्यक्ति Business शुरु तो आसानी से कर सकता है, परन्तु उसे लम्बे समय तक चलाना और उसमें सफल होना ये हर व्यक्ति नहीं कर सकता है।उसके  कुछ कारण है जिनके कारण वह व्यक्ति उस व्यवसाय(Business) में असफल हो जाते हैं।         वो कारण कुछ इस प्रकार भी सकते हैं जैसे व्यवसाय की पूंजी को व्यवसाय में ना लगाकर अन्य खर्चे में Invest कर देते हैं। सही ग्राहकों को नहीं ढूंढ पाना या सही से मार्केट की क्या मांग है उसे नहीं पहचान पाना जैसे कई प्रकार के कारण हो सकते हैं । अब बात यह आती है कि अच्छा Business कौन सा होता है। तो यहां मैं आपको ये बताने जा रहा हूं कि Business सभी अच्छे होते हैं, फर्क इतना रहता है कोई ज्यादा फायदा देता है कोई कम देता है। मेरी दृष्टिकोण में व्यवसाय हमेंशा फायदा देने वाला ही होता है, व्यवसाय को प्रारंभ से लेकर लम्बे समय तक रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिन्दू है जिन्हें ध्यान रखने की आवश्यकता है :- हमेंशा कर्ज अत्यधिक या हमारी क्षमताओं से अधिक करने से बचना चाहिए। ग्राहकों की मांग के अनुरुप आपके पास आपके व्यवसाय से जूड़ी चिजें पर्याप्त होना चाह