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Showing posts from June, 2022

जीवन में खुश कैसे रह सकते है। jiwan Me khush kaise rh sakte hai

 जीवन में खुश रहने का मूल मंत्र जीवन में खुश रहने का एक ही मंत्र है,जो है उसमे खुश रहना सीखिए। जीवन में जो दिल को अच्छा लगे वो हमे करना चाहिए । जब किसी को आपकी आवश्यकता होती है और उसकी मदद आप अगर करते है और उससे उसका काम हो जाता है जिससे वो दिल से आपका शुक्रिया करता है उस खुशी का अनुभव आप करते हो वो खुशी जीवन में सबसे अलग होती है। इससे लिए खुश रहने के जीवन में बहुत से मंत्र होते है। खुशी जीवन का हिस्सा होती है इसलिए खुश रहना बहुत जरूरी है।   जीवन में असली खुशी कैसे मिलती है। खुशी आज के समय में व्यक्ती में आम तौर पर दिखावटी होती जा रही है। दिल से खुशी या अन्दर से जो खुशी का अनुभव होता है वो बहुत कम होता जा रहा है, आदमी मानसिक रुप से तनाव पूर्ण जीवन जी रहे है, जिसके उसके मन मस्तिष्क में खुशी कही से कही दिखाई नहीं देती है, उस खुशी के विलुप्त होने के बहुत से कारण होते है, जैसे आम तौर पर व्यक्ती स्वयं के दुख की बजाय दुसरे के दुःख से दुःखी होता है, दूसरा व्यक्ती दुसरे के घर कुछ भी होता है वो देख देख दुखी होता है, उसका घर कितना अच्छा है, उसके कितनी सुंदर बीवी है, उसके कितना काम धाम है, उस

मुश्किलें आसान कैसे करे ? | Mushkile asan kaise kre?

 मुश्किलें आसान करने का बेस्ट तरीका क्या है? जीवन में समस्याए आती रहती है,हमे उनसे निपटे क लिए ज्यादा सोचने या डिफ्रेशन में रहने की आवश्यकता नहीं है| जब भी हमारे सामने मुश्किलें आती है हमे हमेशा डरने की जगह यह चिंतन करना चाहिए की उनसे कैसे निपट  सकते है| सीधे तौर पर देखा जाये तो हमे हमेंशा उनके समाधान के बारे में विचार करना चाहिये| जब भी हमे लगता है कुछ मुश्किल आने वाली है ,या आ सकती है या फिर आ गयी है, तो उनसे निपटने के लिए हमे हमेशा उनके समाधान की ओर भागना चाहिए ना कि ये सोचते रहना की क्या करु-क्या करू ये सोचने में अपना समय बर्बाद ना करें |  मुश्किलें पैदा क्यों होती है? मुश्किलें पैदा अपने आप नहीं होती है कुछ गलतियां करने पर ये अपने सामने दिखने लगती है।और हमें लगता है कि ये पैदा अपने आप हुई है, असल में ऐसा नहीं होता है हमारी ही कुछ ऐसी आकांशाएं जो गलत रास्ते का अनुसरण करवाती है जिससे हमें व हमारे अन्दर की ईच्छाओं की पूर्ति होती है भले ही वो रास्ता उचित ना हो फिर भी करने पर मुश्किलें पैदा हो जाती है । कहने का तात्पर्य यह है कि हमारी ही वजह से अधिकांश मुश्किलें पैदा हो जाती है।

रिश्ते जीवन में कैसे निभाये जाते हैं || Rishte jiwan me kaise nibhaye jate h?

 रिश्ते निभाने का आसान तरिके हमेंशा जब भी कुछ ऐसी बात होती हे जिससे एक दूसरे में बहस की स्थिति पैदा हो तो हमें हमेंशा समाने वाले की भावना समझ कर उसे अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। हमेंशा हमें अच्छा लगे वो करना चाहिए परन्तु कुछ वो भी हमें करना चाहिए जिससे सामने वाले को पसंद है । विचारों में मन भेद नहीं होना चाहिए, मतभेद होंगे चलेंगे परन्तु मनभेद होगा तो हम ज्यादा समय तक रिश्ते को मजबूत नहीं रख सकेंगे। हमेंशा भरोसा ना करना भी रिश्तों में दरार पैदा करते हैं। रिश्ते विश्वास से जुड़ते हैं। विश्वास पर ही सब टीका है,जिसके परिणाम स्वरुप हमारे रिश्ते मजबूत होते हैं। रिश्ते जीवन में बहुत मुश्किल से बनते है ,जोड़ने में उम्र लग जायेगी,पर तोड़ने पर समय नी लगता है। रिश्ते मजबूत रहने से परिवार जूड़ते है ।

किस्मत कैसे बदलें ? Kismat Kaise Badle?

 किस्मत होती है या नहीं?  पहले तो यह तय कर लें हम किस्मत जैसी चिज होती है या नहीं। सामान्य अर्थ में देखा जाये तो किस्मत पर भरोसा करने वालों की संख्या अत्यधिक है, किसी को किस्मत की लकीरें को दोष देते देखा है ते किसी को नसीब के भरोसे बैठे देखे है। और अगर मेरे दृष्टिकोण से देखा जाये तो किस्मत बनाना व विगाड़ना व्यक्ति स्वयं के ऊपर निर्भर करता है।  किस्मत नाम की कोई चिज नहीं होती है। ये हमारे मन की उपज होती है जिसके द्वारा हम इसे दोष देते हैं।ईसे बदलना व्यक्ति के स्वयं के कार्यों पर निर्भर करता है इसलिए किस्मत को दोष देना कतई उचित नहीं है । किस्मत को कैसे बदले?  किस्मत बदने का तरिका क्या है? किस्मत को बदलने के लिए हमें स्वयं में बदलाव की जरुरत होती है यदि हम सोच ले की किस्मत बीना काम किये सोते हुए सोचे के ऐसा हो जाये और  मेरी किस्मत बदल जाये तो यह  संभव नहीं है ।उसके लिए हमें जल्दी उठना होगा, हमें आलस को त्यागना होगा, संघर्ष निरन्तर जारी रखना होगा, काम के प्रति जिम्मेदार होना होगा, कुछ करना होगा अगर आप ने ये सब करना प्रारंभ किया है तो आप निश्चित ही किस्मत को बदल सकते हैं और किस्मत आपकी

मुसिबत कैसे आती है?|| musibat kaise aati h

 मुसिबत कैसे जीवन में आती है? मैं एक प्राईवेट स्कूल में कार्य करता था लगभग 9 वर्ष कार्य करने के पश्चात मैंने अपना स्वयं का एक निजि विद्यालय प्रारंभ किया। व उसका सूचारु रुप से संचालन भी कर रहा था। जो मूलभूत आवश्यकता रहती है उसके लिए पैसे भी खर्च किये जो पैसे खर्च किये थे वो कर्ज लेकर कार्य कर रखा था। जब स्कूल के सत्रांत में एक मुसिबत आये जिसे कोरोना काल आया । उस काल में विद्यालय में जिस क्षेत्र में विद्यालय संचालित है वहां  ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग उसी समय मार्च में फसले मंडियो में ले जाते है लेकिन अचानक स्कूल बन्द होने पर पैसा रुक गया,ना स्टाफ का अन्त माह का पैसा मिला ना गाड़ी वालों को दे पाये ना विद्यालय में जो पैसे आने थे वो भी नहीं आ सका। जिससे पैसे देने में प्रोबल्म आने लगी, पैसे की तंगी सी चलने लगी, परिवार से ले नहीं सकते थे क्योंकि वो ये सोचते थे कि पैसा कमा रहा है ये तो स्कूल चल रहा है उसका पैसा कहा गया तो ना उधर से कोई सहायता ना ईधर से। फिर कोरोना के कारण लॉकडाऊन लग जाता है पैसे मांगने वाले का कॉल आना बन्द हो जाता है। पर चिंता वही है जिनसे कर्ज लिया है उसे चुकायेंगे कैसे? क

अच्छे दोस्त की कहानी || Achhe dost ki kahani

 अच्छे दोस्त की कहानी  दोस्तों जब आपने पहला मेरा ब्लॉग पढ़ा था उसमें एक कहानी का जिक्र किया था। उस लड़की जिसके बारे में विस्तृत जानकारी बताई थी। उससे में दोस्ती कर लेता हूं। वह लड़की अपनी जगह सही है लेकिन उसके स्वभाव को जब कुछ समय के लिए बात करना बंद कर देते है | फिर में सही से उसे समझ नहीं पाया था कुछ समय बाद फिर उसका कॉल आता है परन्तु मुझे  उसके अंदर कुछ सच्चाई सी दिख रही थी उसने जो उसके मन की बात शेयर करि, मुझे उससे उसके दिल का पता लगा जब उससे मेने कुछ ऐसा ही हंसी मजाक में कुछ बोलै तो उसने बुरा नहीं माना क्युकी वो दुनिया को समझ चुकी थी दुनिया कैसी है किस प्रकार से ये व्यव्हार करती है | वो एक लड़की होने के बाद भी जिस प्रकार की सोच रखकर कार्य कर रही थी उससे अन्य लड़कियों को सिख लेकर कार्य करने की आवश्यकता है |                                    वो स्वयं कार्य और ऑफिस को मैनेज कर रही है| उसकी इस प्रकार की सोच ने ही मुझे प्रभावित किया था | जो ग्रामीण क्षेत्रों में सोच है उसको चुनौती देकर आगे बढ़ने की सोच काबीले तारीफ है | 

परिवार से कैसे लड़ सकता हूं। pariwar se kaise ladh sakta hu

 परिवार से लड़ना मुश्किल है । हमे इस प्रकार की सोच जीवन में कभी आगे नहीं बढ़ने देगी ,जब हमारे अंदर दूसरे के प्रति या परिवार के के प्रति द्वेष भावना आने लगती है तो हमारी प्रगति समझो वही रुक गयी हो क्योकि हमे ये सोच कुछ करने नहीं देगी की परिवार से कैसे लड़ सकता हु ,जबकि हमे किसी प्रकार की समस्या होती है तो आपस में सामंजस्य बिठा कर ही उस समस्या का निराकरण किया जा सकता है | हमे किसी भी उल्जन में ना पढ़ते हुए समस्या के समाधान पर चिंतन करना चाहिए |         परिवार ही हमारी ताकत होता है परिवार के बिना हमारी शक्ति कमजोर हो जाती है| जिस प्रकार से कमजोर व्यक्ति को हमारा विश्वास मिल जाता है ,तो दुगनी ताकत या आत्मविश्वास दुगना हो जाता है ,ठीक उसी प्रकार से परिवार तो फिर भी अपना होता है सोचो अपनी ताकत कितना गुना बढ़ सकती है जब परिवार साथ हो |   इसीलिए परिवार से अलग रहने की कभी सोचना भी नहीं चाहिए ,क्योकि परिवार ही हमारी ताकत होता है हमारी शक्ति होती है ,मुसीबत में वही आपके साथ खड़ा रहता है, परिवार ही हमारे लिए सर्वोपरि होना चाहिए|  परिवार के साथ ताल मैल कैसे बैठाये ? परिवार में जब किसी पिता के दो या तीन