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Showing posts from January, 2022

स्वयं पर नियंत्रण कैसे रख सकते है? swayam par niyantran kaise rakh sakte hai

खुद को नियंत्रित कैसे रख सकते है |   जीवन में हम हमेशा किसी कार्य को लेकर या कुछ ऐसा हमारे साथ गठित हो जाता है जिससे हम स्वयं को नियंत्रित नही कर पाते है | हम ऐसे परिस्थिति में कुछ गलत कदम उठा लेते है ऐसे में हमे क्या करना चाहिए | उसके लिए हम कुछ टिप्स आपसे शेयर करेंगे |                   हमे हमारी मनः स्थति को सय्यमित रखने के लिए  हमे सबसे पहले धैर्य रखना चाहिए | धैर्य आपकी उस स्थति के परिणाम को कुछ अच्छी जगह पर ही लेकर ही जायेगा | इसलिए जब भी कुछ ऐसी विपरीत परिस्थितियां बनती है उसमे हमे घबराना नहीं चाहिए | हड़बड़ाहट में हम हमेशा कुछ न कुछ गलती कर बैठते है | इसलिए कुछ भी ऐसा होने पर या तो क्रोध को स्वयं पर हावी न होने दे या दुःख की परिस्थिति बनती है तो स्वयं को ऐसा फील होने से रोके की में अंदर से टूट चूका हु या अब में कुछ नहीं कर सकता हूँ |        हमारे मन में उस कमी को जिसे हम पाना चाहते है या किसी चीज जिसे हमे पाने क लिए प्रयास किया था उसके खोने या कम होने पर मन में ये विचार लाना चाहिए की जो गया हे शायद वो हमारे लिए ठीक नहीं था मुझे जिंदगी उससे भी कुछ अच्छा देने जा रही है इसी लि

जिंदगी हमें क्या सिखाती है?

ज़िन्दगी हमें कैसे जीना है? जिन्दगी बड़ी खुबसुरत है  ,हम कैसे इसको आसान व सुलभ बना सकते हैं।यह हमारे विवेक व हमारे स्वभाव व हमारे मन के ऊपर निर्भर करता है कि हम किस प्रकार से अपना जीवन जीते हैं,जब हम परेशान होत् हैं तो हमें दु:ख का अनुभव होता है,व सुखी रहते हैं तो हम सुख का अनुभव होता है ,परन्तु सही तरिके से जीवन जीने के लिए हमैं खुशियों में ज्यादा खुश ना होकर व दु:ख में ज्यादा दु:खी ना होकर प्रसन्न मन्न के साथ हमें जिन्दगी का जीने का आनन्द लेना चाहिए।        जीवन जीने के लिए एक नहीं दोनों पक्ष सुख व दु:ख के साथ जीकर खुशियों के साथ जीना है यानी मुसिबत में उसका डटकर मुकाबला करके हमें हिम्मत के साथ आगे बढ़ते जाना है।जीवन का वो हिस्सा जिसमें हम अगर अत्यधिक दु:खी होते हैं व  उसी को मन में रखकर जिन्दगी जिते हैं तो हम हमेंशा दु:खी ही रह जाते हैं। जिन्दगी जीने की कला क्या है? ये खुबसुरत सा जीवन हमें अपनी काबिलियत के बल पर खड़ा करना है। इसके जीने का मजा हमें तभी आयेगा ,जब हम कुछ करके दुनिया में अपने जूनुन व जोश के बल पर कुछ करके दिखायेंगे।हमें कुछ करने के लिए हमेंशा शांत स्वभाव से चिंतन

How to write a blog in Hindi || How to Write Blog || ब्लॉग कैसे लिखें ?

 ब्लॉग(blog) कैसे लिखें? Hindi me blog kaise likhe? हिन्दी में ब्लॉग लिखने के लिए सबसे पहले Google पर जाकर blloger .com में ब्लॉग बनाकर write blloger को खोल लेते हैं।खोलने के पश्चात हमें सबसे पहले जिस nich पर आपकी साईट है ,उसी से संबंधित आपको एक अच्छा शिर्षक (tital) का चयन करना है।जो एक पढ़ने में आकर्षक लगे। जिसे लोग खोलकर पढ़ना पसंद करें।     शीर्षक आपके आर्टिकल का सबसे महत्वपूर्ण बिन्दु रहता है।यह आपके आर्टिकल को गुगल में रैंक करवाने में भी मदद करता है।कहने का मतलब है अच्छा लेख होगा तो उसे पढ़ने के लिए आपकी साईट पर सीज़र ज्यादा आयेंगे।उससे आपको अर्निंग ज्यादा होगी। Blog || ब्लॉग से पैसे कैसे कमाएं? अगर आप नये नये ब्लॉग के युजर हैं तो आप अच्छी अर्निंग कर सकते हैं? अच्छा पैसा आप ब्लॉग के माध्यम से कमा सकते हैं।आप एक अच्छे ब्लॉग के माध्यम से अच्छी कमाई कर सकते हैं।जब आपने अच्छा शिर्षक सोचकर उस पर आपका कंटेंट लिखना स्टार्ट कर दिया है तो आप अपने ब्लॉग के गुगल एडसेंस में जाकर एड्स वाले विकल्प में जाकर सभी ब्लॉग के हेंडिंग व सब्हेंडिग में एड़्स के लिए कोड पेस्ट करें।ताकि युजर जब भी आपकी

शादी(marriage) क्या है ? यह क्यों जरुरी है?

शादी(marriage) क्या होती है? शादी दो परिवारों के मध्य विपरित लिंग को पारम्परिक या स्वेच्छिक आपस में बन्धन होता है ,वह शादी होती है।शादी करने के लिए प्रेम विवाह व माता पिता द्वारा तय किया गया विवाह होता है।प्रैम विवाह में लड़की व लड़के की इच्छा से दोनो द्वारा ही शादी की जाती है और घर वाला की सहमती में (Arrenge marriage) से जो शादी होती है उसमें दोनो परिवार के सदस्यों द्वारा लड़के व लड़की को पसंद करके रिश्ता तय करके फिर शादी की जाती है। शादी दो पवित्र रिश्तों का एक अटूट बन्धन होता है।जो भारतीय परम्परा अनुसार जीवन पर्यन्त निभाया जाता है।एक दूसरे का साथ देते हुए ईसमें जीवन यापन करते हैं,एक दूसरे के सुख दुख में साथ रहते हैं। क्या शादी (marriage) करना जरुरी है? यह एक सामान्य सा प्रश्न लगता है ,पर इसके अर्थ बहुत ही चौकाने वाला या फिर सोचने वाला होता है।जी हा शादी करना बहुत जरुरी होती है,अगर प्रत्येक व्यक्ति यह सोच ले की मुझे शादी नहीं करना है तो जो एक दूसरे के प्रति सम्मान की भावना महिलाओं के द्वारा पुरुषों के लिए होती है व पुरुषों के द्वारा महिलाओं के प्रति होती है वो हमेंशा इस बन्धन के

परिवार क्या है ? Parivar Kya H ?

 परिवार क्या है ? Parivar Kya H ? परिवार की परिभाषा सब अपने अपने हिसाब से बताता है ,जब हम सभी सदस्य एक साथ रहते है तो हम उसे परिवार कहते है ,हमारे परिवार में पिता माता भाई बहन सभी लोग आपस में रहते है तो उसे हम एक परिवार मानते है। परिवार में सभी लोग आपस में मिलझुलकर रहते है जिससे किसी भी कार्य को करने में आसानी हो सकती है। परिवार(family) की विशेषताएँ क्या क्या होती है ? 1. परिवार के  सभी सदस्य मिल झूलकर रहते है।खुशियो की भरमार रहती है।  2.कभी  भी मुसीबत में या किसी चीज की जरुरत होने पर सहायता आसानी से मिल जाती है।  3. परिवार हमेशा अपनों से मिलकर बनता है।  4. परिवार में हमेशा दो विपरीत लिंगी साथ में रहते है।  5. वंशनाम की व्यवस्था रहती है।  6. भाई बहन व् भाई भाई में प्यार रहता है। परिवार के  प्रकार|family  परिवार मुख्यतः दो प्रकार क होते है। परिवार को उनके द्वारा किये गए कार्यो क अनुरूप या यूँ कहे की उनकी गतिविधि के आधार पर विभाजित किया गया है। दोनों प्रकार क परिवार में गतिविधियां एक जैसी होती है। पर अंतर संख्याओं का होता है सयुंक्त परिवार(faimily) क्या होता है ? जब हमारा दादा दा

जीवन के अच्छे विचार|good life ideas

 जीवन के अच्छे विचार कौन कौन से है ? जीवन में कुछ करना है तो हमे कुछ सीखना  पढ़ेगा ,जब तक हमारे विचार उच्च नहीं होंगे तब तक हम कार्य नहीं कर सकते है| हमारे विचार  ऐसे होने चाहिए ताकि कोई भी व्यक्ति हमारे विचारों से प्रभावित हो जाये | कुछ अच्छे विचार  1. हमे हमेशा रिश्ते दिल से निभाना चाहिए। जो स्वार्थ के  उद्देश्य  से रिश्ते रखने वाले से हमे दूर रहना चाहिए।  2 . हमेशा मीठे बोलने वाले से दूर रहना चाहिए ,और जो मुँह पर कड़वी बात बोलने वाले व्यक्ति हमेशा सही बात बोलते है।  3. ऐसे व्यक्ति से बचकर रहना चाहिए जो गलती होने पर साथ छोड़ जाते है व गलती नहीं हो तब तक साथ रहते है. 4 . आज के समय में पैसा सबकुछ होता है। इसलिए कमाने के लिए मेह्नत  करे।  5 . हमारे अंदर सहन शक्ति अधिक होनी चाहिए। हमे हर छोटी बात पर गुस्सा नहीं करना चाहिए।  सबसे अच्छे विचार क्या है ? Real life(असल जिन्दगी) जीवन में हमे हमेशा किसी  भी परिस्थिति में निराश नहीं होना चाहिये ताकि हम डटकर किसी भी मुसीबत का सामना कर सके।ये जीवन  बहुत खूबसूरत रहता है हमे  इसे खुलकर जीना चाहिए ,ये छोटी छोटी समस्याए हमे जीवन में सिख देने क लिए ही

10+ Motivational Quotes In Hindi | मोटिवेशनल कोट्स हिंदी भाषा मे

Best Motivational  |  Quotes in Hindi  1.जीवन में कुछ अच्छा करना है तो हम लक्ष बनाकर कार्य करना चाहिए , जिससे हम आगे तक जा सके। 2.सपनो की उड़ान के लिए हम हमेशा ऊंचा सोचना चाहिए। 3. लक्ष्य आपका कितना भी बढ़ा हो,सफलता निश्चित मिलेगी, हमारे होसलो में  उड़ान होना चाहिए। 4.पंखो को खोलना पढेगा क्योंकि लोगो को आपके पंख देखना नहीं हैं, उनकी उड़ान देखना हैं, वो देखना चाहते हैं की आप कितनी ऊंची उड़ान  उड़ सकते हैं। 5.जब भी किसी काम को करे,जब तक सफलता नहीं मिल जाति । रुकना नहीं चाहिए, हमे सफलता  जरूर मिलेगी। 6 लक्ष्य, इतना बढ़ा रखो कोई सोच भी नहीं सकता। 7.जीवन में हमशा निडर होकर कार्य क्रिया, डीरपोक लोगो की यह। कोई जरुरत नहीं हैं। जोखिम लेना पढेगी, तबी सफलता मिलेगी। 8.मैं यह नहीं कर सकता हूं, ये कभी नहीं सोचना चाहिए, मैं यह कर सकता हूं, हमेश ये सोचना चाहिए। 9.हमे दुनिया की भिड़ से अलग दिखना पढेगा नहीं तो ऐसे सिरफ भिड़ बनकर रह जाओगे या भीड का कोई वजूद नहीं रहता । 10.हमे हमेश हमारे लक्ष्य की ओर ध्यान रखना चाहिए, किसी भी परिस्थिति में हम डगमगाना नहीं चाहिए।

chance।अवसर जीवन में कितनी बार मिलता है?

chance।अवसर जीवन में एक ही बार मिलता है। हर व्यक्ति को सफल होने के लिए जिन्दगी हमेंशा उसे एक अवसर जरुर प्रदान करती है,उस व्यक्ति समझना चाहिए होता है कि ये अवसर उसे मिल रहा है यह दोबारा नहीं मिलने वाला है,उसे चुकना नहीं चाहिए,उस अवसर को भूना लेना चाहिए।ताकि वह अवसर जीवन में आपकी सफलता का अवसर रहे।हमें हमेंशा हमारी असफलताओं के लिए दूसरों को दोष देते हुए लोग जीवन में बहुत मिलेंगे।लेकिन जब समय आता है सफल होने का ऐसे अवसर को प्राप्त जो कर लेता है जीवन के उस मुकाम को वो हासिल कर लेता है,जहां पहूंचने के लिए दुनिया सपना देखती रहती है। chance।अवसर पर महान सक्सीयत की कहानी एक बार एक बहुत बड़े व्यक्ति का साक्षात्कार चल रहा था,सीधा प्रसारण चल रहा था ,पत्रकार ने बीच में उस महान सक्सीयत से पूछी की आपकी सफलता का राज क्या है। तब उस व्यक्ति ने पत्रकार को अपनी जेब से चैक बुक निकालकर एक ब्लेंक चेक पत्रकार को सौप दिया ,और कहा गया कि आपकी जितनी ईच्छा हो उस चैक में राशि भर के अपने पास रख लो,पत्रकार चौंकते हुए और लाईव प्रसारण चल रहा था तो कैसे चेक को स्वीकार करता है ,तो उसने मना कर दिया ,जैसे ही पत्रकार

जुनून कुछ कर गुजरने का ।आगे बढ़ने के लिए कुछ कर गुजरना है

 जुनून कुछ कर दिखाना है। कुछ करने के लिए हम सपनों को महल मन में खड़ा करते हैं,उन सपनों को साकार करने के लिए मन में एक जुनून होना चाहिए।जिससे हम किसी ना किसी प्रकार से उसे हासिल कर सके। जीत उसकी तय होती है जो जितने का साहस रखता  जिस प्रकार से हम प्रतिदिन किसी कार्य को करते हैं उसमें सफलता नहीं मिलती है तो हमें एक जुनून के साथ कार्य करना पढ़ेगा।हा मैं ये कर सकता है,मैं इस कार्य को किसी भी परिस्थिति में अधुरा नहीं छोडुंगा,तब जाकर आपका कार्य पूर्ण रुप से हो पायेगा।  जुनून के आगे जीत है। जब हम अपने लक्ष्य के लिए आगे बढ़ते हों तो अधूरे कार्य कायर लोगो की निशानी होती है ।हमें जीतना है, जुनून के साथ करते जाना है हिम्मत नहीं हारना है,जितना बढ़ा आपका साहस होगा सफलता आपकी उतनी बढ़ी होगी।   जब हम कार्य को जुनून के साथ यानी मुझे ये कर के दिखाना है वाली सोच रख कर आगे बढ़ते जाना है। जुनून क्या होता है? जब हमारे मन को किसी कार्य को करने की इच्छा जाहिर होती है,और वह कार्य हम करने के लिए उत्साहित रहते है,वह लगन के साथ करने की मन में इच्छा शक्ति रहती है और लगातार तार किये गये कार्य को हम जुनून कह

personality || पर्सनालिटी कैसे बनाये ?

 personality|पर्सनालिटी का विकास कैसे करें? प्रत्येक व्यक्ति के अन्दर भिन्न भिन्न गुण विद्यमान रहते हैं।जो किसी भी व्यक्ति से समानता नहीं रखते हैं,ये भिन्न भिन्न गुण के समावेश को (personality)पर्सनालिटी कहते  हैं।व्यक्ति के व्यक्तित्व को उसके अन्दर समाहित गुणो के आधार पर परखा जा सकता है। हर व्यक्ति में अलग अलग गुण होते हैं।इसलिए प्रत्येक व्यक्ति की पर्सनालिटी अलग अलग होती है।  व्यक्ति के व्यक्तित्व को स्वयं व्यक्ति ही निखार सकता है। उसका बोलने का तरिका कैसा है, उसके चलने का तरिका,उसके पहनने का तरिका उसके रहने का तरिका और से कैसे भिन्न हो सकते है ये स्वंय व्यक्ति को आत्मचिंतन करके अपने व्यक्तित्व का विकास किया जा सकता है । personality|पर्सनालिटी का महत्व जब हम कही जाते है या सबसे अलग हमें दिखना है तो हमारी पर्सनालिटी को डेवलप(विकास) किया जा सकता है, जिसके माध्यम से अपने गुणों के द्वारा हम किसी को भी प्रभावित कर सकते हैं। जीवन को हम अच्छा बनाने के लिए हमें अपने गुणों को अच्छा बनाना चाहिए।गुण अच्छे होने पर हमारी पर्सनालिटी (personality) भी अच्छी रहती है,हमारे प्रति दूसरे का सोचने

Social media|सोशल मिडिया की ताकत

 Social media|सोशल मिडिया की ताकत क्या है? सोशल मिडिया एक स्वतंत्र आम व्यक्ति की ताकत है जिसे कोई भी कही से भी प्रचारित करके अपनी बात सार्वजनिक कर सकता है। (Social media) सोशल मिडिया के माध्यम से हम अपने अधिकारों की आवाज  उठा सकते हैं,जिससे प्रत्येक समस्या के समाधान के लिए आसानी हो जाती है ।जब हमारी बात कोई सुनता नहीं है तो हम उस बात को विडियो बनाकर या सोशल मिडिया पर लिख कर भी शेयर कर सकते है,जिससे प्रत्येक व्यक्ति या संबंधित शिकायत के निराकरणकर्ता के पास भी सुचना पहूंच जाती है।जिससे वह कार्य आसानी से हल हो जाता है। Social media|सोशल मिडिया के लाभ  सोशल मिडिया के बहुत अधिक फायदे होते हैं।यह एक ऐसा प्लेटफार्म है जिसके माध्यम से हम अपनी बात कुछ ही सेकण्ड में लाखों लोगों तक पहूंचा सकते हैं।सोशल मिडिया के माध्यम से हम फोटो,विडियो आसानी से शेयर कर सकते हैं,किसी भी प्रकार की समस्या होने पर सामने वाला का विडियो बनाकर हम उच्चाधिकारीयों को शेयर कर सकते है। हम अपनी बात को या परिचितों से बात करने का एक ऐसा माध्यम है जिससे हजारों किलोमीटर दूर बैठे व्यक्ति से हम घर बैठे बैठे विडियो कॉल या साम

Responsibility|जिम्मेदारी क्या होती है?

 Responsibility|जिम्मेदारी क्या होती है? जब हम किसी कार्यालय में या किसी के द्वारा किसी अन्य स्थान पर आपको कार्य दिया जाता है ,आपको ये कहा जाता है कि ये आपको ही करना है तो ये जिम्मेदारी होती है।या जिम्मेदारी सौंपी जाती है ।ये हमारा भी दायित्व होता है कि हमें जिस प्रकार से जिम्मेदारी सौंपी जाती है तो हमें उसे जिम्मेदारी के साथ निभाना चाहिए।कोई भी व्यक्ति आपको( Responsibility)जिम्मेदारी आप पर भरोसा रख कर ही करता है,हमारा भी दायित्व रहता है कि हम उस कार्य को बड़ी पूर्णता के साथ करें।   Responsibility|जिम्मेदारी  कैसे निभायी जाती है? Responsibility|जिम्मेदार व्यक्ति ही किसी कार्य की जिम्मेदारी निभा सकता है। जैसे आप किसी कार्य को या कार्यलाय में कार्य करते हैं ,वहां के वरिष्ठ पदाधिकारी या मालिक ने आपको किसी कार्य को कार्यलय बन्द होने या शाम होने तक कार्य करके देने के लिए कहा है ,अब आपकी जिम्मेदारी ये होती है कि हमें उस कार्य को उस समय सिमा में पूर्ण करके अपने मालिक या वरिष्ठ अधिकारी को देना रहती है ,ये हम तय सीमा  में कार्य को समाप्त कर देते हों तो आपने जिम्मेदारी के साथ कार्य को किया

चेहरा(Face) कैसे पहचाने ?

 चेहरा(Face) बहुत कुछ कहता है? सही व्यक्ति के चयन करने के लिए हम जब व्यक्ति के सामने बात करने के लिए जाते हैं तो अक्सर हमे ये चेहरा देख  चाहिए ,चेहरा देखकर हमें पता चल जाता है व्यक्ति काम कर पायेगा या नहीं? चेहरा उस व्यक्ति के गुण कुछ हद तक बता सकता है की वह सही व्यक्ति है या नहीं जिस कार्य के लिए हम चयन कर रहें हैं उसके अनुसार वह व्यक्ति सही है या नहीं? उसका हाव भाव आंखे उसका देखना ये सब स्पष्ट नजर आता है । चेहरा(Face) देखकर कैसे पहचाने की यह सही व्यक्ति है? जब हम किसी व्यक्ति से बात करते हैं तो वह सत्य कह रहा है या असत्य उसके चेहरे के हाव भाव से पता चल जाता है,ऊपर नीचे दांये बाये देखकर जवाब देने का प्रयास करता है या आत्मविश्वास की कमी भी होगी तो उसके चेहरे पर स्पष्ट दिखाई देगी। चेहरे देखकर हम सब गुणाों से अवगत हो सकते हैं।  चेहरा(Face) देखक किसी का आंकलन करना हमें अक्सर जीवन में खुबसुरत चेहरे पसंद ज्यादा आते हैं।हमें जीवन में चेहरा पहचानने की कला को भी विकसित करना चाहिए ,ताकि हम सही व्यक्ति का चयन कर सके।जब हम किसी का सुन्दर चेहरा देखकर हम उन्हें पसंद करने लगते हैं,लेकिन उसके

लक्ष्य कैसे प्राप्त करें ? Laksh Kaise prapt kre

 लक्ष्य(Aim) कैसे प्राप्त कर सकते हैं? Laksh Kya Hota H ? सफलता की कुंजी प्राप्त करने के लिए हमें मुसिबतों का सामना करते हुए लक्ष्य(Aim) निर्धारित करना होता है। जब हम किसी चिज को पसंद करते हैं या जब भी हमेम हमारे मन को अच्छा लगने वाले कार्य या जिससे मन खुश होता है ऐसे कार्य करने के लिए कुछ तय करते हैं ,जिसे हासिल करने के लिए हम अधिक प्रयत्न करने लगते हैं जिसे पसंद या हासिल करने की इच्छा जाग्रत कर कुछ तय करते हैं वही लक्ष्य होता है। लक्ष्य(Aim) को प्राप्त करने के लिए हमें समय सारणी बनाकर उसी के अनुसार सोना है,उसी के अनुसार खाना है ,उसे के अनुसार जगना है,उसी के अनुसार सोचना है,जो तय कार्य करते हैं उन्हें इन्ही सब या यूं कहे योजना बनाकर योजना बद्ध तरिके से किया गया कार्य लक्ष्य(Aim) को प्राप्त करवा सकता है।हम जैसा कार्य करते हैं उनसे कुछ बड़ा सोचकर ही उसी कार्य को करना चाहिए,जब हम किसी कार्य को करना प्रारंभ करते हैं तो ये कभी नहीं सोचना चाहिए के कही ये पुरा नहीं होगा तो क्या होगा? हम अगर कार्य में असफल भी होते हों तो पुन:उस विफल कार्य से सिख लेकर फिर से प्रारंभ कर देते ,पिछली गलतियों स

game|खेल जीवन का हिस्सा है।

game|खेल बाल्यकाल से जीवन का हिस्सा होना चाहिए । जब हम हमारे जीवन में तनाव या किसी परिस्थितियों से रहते है तो जीवन में हम अकेलापन महसूस करते हों तो उम्र के बन्धन को तोड़ कर हम खेल(game)की ओर जा सकते हैं।हम जब बचपन में समझना नहीं सिखे तब से हम किसी ना किसी वस्तु से खेलते आये हैं उस अवस्था में हम खिलौंने से खेलते है कभी किस खिलौने को पसंद किया तो कभी कुछ खिलौने को हम पसंद करते हैं।फिर हम जब थोड़े बड़े होते हैं तो हमारे छोटे छोटे सखा बना लेते हैं जिनके साथ हम कुछ भी जो परिवार में बढ़े लोग कार्य करते है हम उनकी नकल करने लगते हैं व वैसा कार्य हम बाल सखा लोग आपस में करते हैं। फिर हम थोड़े और बढ़े होते हैं तो गोटिया,कटपुतलियों ,गिली ड़डे ,पतंग उड़ाने जैसे खेलों को पसंद करते हैं ,ये हमें जीवन की खुशी प्रदान करने वाले खेल (game)होते है और मन को खुश रखकर हम हमारे कार्यों का विकास कर देते हैं। game|खेल खेलने की क्या कोई अवस्था है? खेल (game)जीवन का अहम् हिस्सा है, जिसे खेलने के लिए मेरे विचार में कोई अवस्था नहीं होती है।जीवन में बाल्याकाल के बाद किशोरावस्था होती है जो खेल में व्यक्ति का भविष

population|जनसंख्या वृद्धि क्या है?

 population|जनसंख्या वृद्धि क्या है? population|जनसंख्या वृद्धि से तात्पर्य यह कि धीरे धीरे विश्व में मानव वृद्धि दर में बढो़तरी हो रही है।किसी भी देश के लिए अत्यधिक जनसंख्या वृद्धि बहुत बढ़ी समस्या हो सकती है।इसे नियंत्रित रखना अति आवश्यक रहता है।देश में प्रति व्यक्ति प्रति पुरुषों के सही अनुपात में होना चाहिए।जिससे किसी प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना पढ़ता है।जनसंख्या(population) बढ़ोतरी देश व विश्व के मानव समुदाय के लिए एक समस्या हो सकती है।जनसंख्या को नियंत्रणित करना अति आवश्यक हो गया है यह किसी भी देश के लिए अच्छा नहीं रहता है अगर अनुपात के हिसाब से जनसंख्या वृद्धि दर में बढ़़ोतरी नहीं हो रही है तो नुकसान उठाना पढ़ सकता है। population|जनसंख्या विस्फोट क्या है? किसी भी देश या राष्ट्र की जनसंख्या(population) में मृत्युदर का कम होना व जन्मदर का बढ़ी तेजी से बढ़ना जनसंख्या विस्फोट कहलाता है।यह राष्ट्र की उन्नति के लिए रुकावट हो सकती है।जनसंख्या नियंत्रण बहुत आवश्यक होता है जन्मदर के अनुपात को मनुष्य को सही दिशा में ध्यान रखकर बढ़ाना चाहिए।सिमित संख्या व कहते है छोटा परिवा

आत्मविश्वास जीवन में जरुरी है || Atmavishwas Jivan Me jaruri h

आत्मविश्वास क्यों जरुरी होता है? आत्मविश्वास जीवन के प्रत्येक इतिहास रचने वाले कार्यों के लिए जरुरी होता है।आप कुछ भी छोटा कार्य भी आपकी नजर में बढ़ा है उसे करने के लिए आत्मविश्वास (confidence)  का होना अत्यधिक जरुरी है,जिससे हमारे कार्य की विशिवसनियता बढ़ती है। किसी भी कंपनी या किसी नौकरी के लिए आप साक्षात्कार देने के लिए पहूंचते हैं,तो जब साक्षात्कार लेने वाले के सामने जब आप सीट पर बैठे रहें तो हमारा आत्मविश्वास(confidence) कमजोर नहीं होना चाहिए,नहीं तो आप का सबसे पहला कमजोर पहलू आत्मविश्वास हो जायेगा,जिससे कंपनी या किसी नौकरी में आप जाते है तो वो कंपनी या लोग समझ जाते हों कि आपकी आवाज लड़खड़ाहट या बात करने के तरिके में आत्मविश्वास नहीं होने से मुसिबत में कंपनी या जिस जगह आप नौकरी करेंगे,उस मुसिबत को दूर करने की क्षमता आपके अन्दर नहीं दिखेगी,आपको साक्षात्कार में असफल कर देंगे।इसलिए जीवन में आत्मविश्वास(confidence) बहुत आवश्यक होता है। आत्मविश्वास बढ़ाने के क्या क्या उपाय होतें हैं? आत्मविश्वास(confidence)बढाने के उपाय जिससे हम हमारे आत्मविश्वास को बनाये रखते हैं- आत्मविश्वास(confi