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Showing posts from August, 2022

स्वयं पर नियंत्रण कैसे रख सकते है? swayam par niyantran kaise rakh sakte hai

खुद को नियंत्रित कैसे रख सकते है |   जीवन में हम हमेशा किसी कार्य को लेकर या कुछ ऐसा हमारे साथ गठित हो जाता है जिससे हम स्वयं को नियंत्रित नही कर पाते है | हम ऐसे परिस्थिति में कुछ गलत कदम उठा लेते है ऐसे में हमे क्या करना चाहिए | उसके लिए हम कुछ टिप्स आपसे शेयर करेंगे |                   हमे हमारी मनः स्थति को सय्यमित रखने के लिए  हमे सबसे पहले धैर्य रखना चाहिए | धैर्य आपकी उस स्थति के परिणाम को कुछ अच्छी जगह पर ही लेकर ही जायेगा | इसलिए जब भी कुछ ऐसी विपरीत परिस्थितियां बनती है उसमे हमे घबराना नहीं चाहिए | हड़बड़ाहट में हम हमेशा कुछ न कुछ गलती कर बैठते है | इसलिए कुछ भी ऐसा होने पर या तो क्रोध को स्वयं पर हावी न होने दे या दुःख की परिस्थिति बनती है तो स्वयं को ऐसा फील होने से रोके की में अंदर से टूट चूका हु या अब में कुछ नहीं कर सकता हूँ |        हमारे मन में उस कमी को जिसे हम पाना चाहते है या किसी चीज जिसे हमे पाने क लिए प्रयास किया था उसके खोने या कम होने पर मन में ये विचार लाना चाहिए की जो गया हे शायद वो हमारे लिए ठीक नहीं था मुझे जिंदगी उससे भी कुछ अच्छा देने जा रही है इसी लि

घूमने से क्या क्या फायदे है ? || Ghumne ke kya kya fayde he?

 घूमने के फायदे बहुत सारे है|  घूमने से तात्पर्य ये है कि हमे देश के विभिन्न क्षेत्रो का भ्रमण करना चाहिए |  जिससे हमे देश में चलने वाले नए नए व्यवसाय और अलग अलग जगह की जानकारी मिलती है , जिसके बहुत सारे फायदे होते है |  घूमने से व्यावसायिक फायदे  घूमने से हमे ये पता रहता है की देश में किस प्रकार की चीज की आवश्यकता ज्यादा है |  घूमने से हमे देश में लोगो को किस प्रकार की वस्तुए पसंद है उसकी जानकारी हमें मिलती है ,जिससे हम उनके अनुरूप व्यवसाय कर सकते है |  घूमने के कारन हमें नए नए बिजनेस आईडीज़ मिलते है |  देश विदेश में घूमने से हमें ये जानकारी में रहता है की हमे कोन सा व्यापार अधिक या हम कोन सा व्यापार आसानी से कर सकते है|  घूमने से मानसिक रूप से कैसे फायदा होता है | घूमना स्वस्थ के लिए फायदेमन्द रहता है | हम जब भी नयी जगह घूमने जाते है तो हमें वहा हमेशा कुछ नया देखने को मिलता है |  जिससे मन को ख़ुशी व आनंद की अनुभूति होती है ,मन आनंदित रहता है तो पूरा शरीर स्वस्थ  रूप से हम मजबूत रहेंगे|  घूमने से मन हल्का और किसी प्रकार का तनाव अगर रहता है तो उससे छुटकारा मिलकर जीवन को आनद के सा

भारतीय त्यौहारों में राखी का महत्व || Bhartiy Tyoharon Me Rakhi ka mahtav

 भारत में राखी क्यों मनायी जाती है? भारत में राखी भाई बहिन के पवित्र रिश्ते के रुप में मनाये जाने वाला त्यौहार है, इस दिन बहिन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है। भाई अपनी बहिन को उसकी रक्षा का वचन देता है।इस दिन घरों में मिठाईया बनती है।नये नये कपड़े पहने जाते है। राखी भाई बहिन का वो पवित्र रिश्ता है जिसमें भाई अपनी बहिन को रक्षा का वचन देते हैं ।      भारतीय संस्कृति में रिश्तों का महत्व इतना अधिक इसीलिए होता है, जिससे हमारा देश आज भी एकता के सूत्र में बंधा हुआ है। जहां रिश्तों की डोर कमजोर होती है, वहां रिश्तों में दरार हो जाती है। जिससे रिश्ते या तो टूट जाते हैं या फिर  कमजोर हो जाते हैं। इसलिए ये भारतीय परम्पराओं को निभाने वाले त्यौहार निरन्तर चलते रहते हैं,जिससे रिश्ते मजबूर होते हैं। राखी कब मनायी जाती है? राखी प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा को मनायी जाती है।इस दिन राखी की डोर भाई बहिन एक दूसरे की कलाई पर राखी बांधकर एक दूसरे को मिठाई खिलाकर बढ़े ही धूम धाम से मनायी जाती है। पूरे भारत में मनाये जाने वाला त्यौहार है।  राखी का कच्चा धागा जरुर रहता है परन्तु इसके रिश्ते की